सूर्ये
पांचवे घर में ,
पांचवे घर में ,
पांचवे
घर में सूर्ये को परिवार की तरकी का मालिक कहा गया है
घर में सूर्ये को परिवार की तरकी का मालिक कहा गया है
यानि के यह परिवार हमेशा तरकी की और बढ़ता रहता है। औलाद पैदा होने के दो दिन के बाद ही माली हालत पर बहुत अच्छा असर पड़ने लगता है ,अगर ऐसा वयक्ति अपने घर में पूरब की दीवार के साथ रसोई घर बनाएगा तो सूर्ये देव और भी अच्छा फल देंगे ऐसे वयक्ति की संतान में वृद्धि होती है और यह उसकी सहायता भी करता है ऐसा वयक्ति अगर साधु भी होता है तब भी इसके पास बहुत धन होगा, और ऐसे वयकित की उम्र भी बहुत जयदा होती है ,ऐसे वयक्ति को कोई राजा जा साधु बहुत जयदा अच्छा फल देता है।
पांचवे
घर के सूर्ये समय बोजोर्ग होने पर बहुत अच्छा फल मिलता है. जातक को सभी प्रकार का आराम मिलता है ,अगर शनि ग्यारवे भाव में होगा तो हर तरह की बरकत देता है। यहाँ पर सूर्ये शनि का कभी झगड़ा नहीं होगा बल्कि एक दूसरे की मदद ही करेंगे जातक को अपने माता पिता का सुख जयदा उम्र तक मिलेगा
घर के सूर्ये समय बोजोर्ग होने पर बहुत अच्छा फल मिलता है. जातक को सभी प्रकार का आराम मिलता है ,अगर शनि ग्यारवे भाव में होगा तो हर तरह की बरकत देता है। यहाँ पर सूर्ये शनि का कभी झगड़ा नहीं होगा बल्कि एक दूसरे की मदद ही करेंगे जातक को अपने माता पिता का सुख जयदा उम्र तक मिलेगा
सूर्ये
पांचवे और चन्दर चौथे भाव में होगा तो जातक राजा समान सुख भोगने वाला होगा, पांचवे घर वाले वयक्ति की जिंदगी बड़े आराम से बतीत होती है सूर्ये का पुराण रूप से फल तभी होगा जब जातक के संतान पैदा होने वाली होगी जा फिर बचा गरब में होगा
पांचवे और चन्दर चौथे भाव में होगा तो जातक राजा समान सुख भोगने वाला होगा, पांचवे घर वाले वयक्ति की जिंदगी बड़े आराम से बतीत होती है सूर्ये का पुराण रूप से फल तभी होगा जब जातक के संतान पैदा होने वाली होगी जा फिर बचा गरब में होगा
पांचवे
घर में सूर्ये के साथ अन्य ग्रहो की युति का फल
घर में सूर्ये के साथ अन्य ग्रहो की युति का फल
सूर्ये
और चन्द्रमा
- इस युति से जातक को जिंदगी भर आराम मिलता है। संतान पैदा होते ही अच्छा समय शुरू हो जाता है .
और चन्द्रमा
- इस युति से जातक को जिंदगी भर आराम मिलता है। संतान पैदा होते ही अच्छा समय शुरू हो जाता है .
सूर्ये
और बुध - पांचवे घर में सूर्ये और बुध के समय शनि नोवे भाव में होगा तो जातक की लम्बी उम्र होती है और उसके धन की हालत भी अच्छे ही रहेंगे,पांचवे घर में सूर्ये के साथ बुध अगर मंदी हालत में होगा यानि के उन पर राहु, केतु और मंगल की दृष्टि पड़ रही होगी ऐसे जातक की मृत्यु अचानक ही हो सकती है .
और बुध - पांचवे घर में सूर्ये और बुध के समय शनि नोवे भाव में होगा तो जातक की लम्बी उम्र होती है और उसके धन की हालत भी अच्छे ही रहेंगे,पांचवे घर में सूर्ये के साथ बुध अगर मंदी हालत में होगा यानि के उन पर राहु, केतु और मंगल की दृष्टि पड़ रही होगी ऐसे जातक की मृत्यु अचानक ही हो सकती है .
सूर्ये
और शनि पांचवे भाव में सूर्ये के साथ शनि जातक को पके इरादे बाला बनता है ,जिंदगी में वयक्ति को हर प्रकार का दर बना ही रहेगा
और शनि पांचवे भाव में सूर्ये के साथ शनि जातक को पके इरादे बाला बनता है ,जिंदगी में वयक्ति को हर प्रकार का दर बना ही रहेगा
सूर्ये
और राहु
पांचवेऔर राहु
घर में राहु का प्रभाव बुरा नहीं रहता और संतान पर भी कोई खास बुरा असर नहीं पड़ेगा। पांचवे भाव
सूर्ये और राहु होंगे राहु की उम्र यानि के ४२ से ४७ साल की उम्र तक इसका बहुत शुभ फल रहेगा ऐसा जातक ऊंचाई तक जाता है
सूर्ये पंचम भाव में वयक्ति को कई प्रकार के सुख देता है, Hindi astrology,...
Reviewed by Jyotish kirpa
on
04:31
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