बुध लाल किताब के प्रभाव और फल jyotish kripa

खुला करते सुराख़ मैदान बढता, बढ़ी अक्ल इसकी खर्च खुद जो करता।

उल्ट पाँव चमकादड लटका, छुपी शरारत* करता है।
*बुध जिस घर में बैठा हो उस घर का मालिक (पक्का घर का स्वामी नहीं) जब नं ९ में बैठ जाए तो वो बुध की तरह खाली चक्कर या बेकार निष्फल होता है.

पर पक्का जिस ग्रह का होगा, वहां वही बन बैठता हो।
साथ बुरे ग्रह सबसे मंदा, भला भले से होता है।
चन्द्र राहु का हो जब झगडा, बुध* मारा खुद जाता है।
*बुध मंदा हो तो नाक छेदन, दांत साफ़ रखना और लडकियो की सेवा करना सहायक हो।

बुध नजर जब रवि को करता, दर्जा दृष्टि कोई हो।
असर भला सब दो का होगा, सेहत, माया या दिमागी हो।
बुध चन्द्र से हो जब पहले*, रेत जहर पानी भरता हो।
*खासकर गुरु और चन्द्र मंदे हो।

३, चोथे, ७,९ ग्रह बैठे, राख हुए कुल जलता हो।
शुक्र बैठा जब बुध से पहले, असर राहु का मंदा हो।
बुध पहले से शुक्र मिलते, केतु भला खुद होता हो।
बुध शुक्र ना इक्कठे मिलते, उम्र जाया यों करता हो।
शत्रु* दोनों के साथ जो बैठे, असर दोनों न मिलता हो।
*शुक्र के शत्रु सूरज, राहु, चन्द्र। बुध के शत्रु चन्द्र वगैरा।
         

घर २,४* या ६ में बैठा, राजा योगी बुध होता हो।
*सिर्फ खाना नं ४ में राज योग है क्योंकि इसमे राहु-केतु का प्रभाव शामिल नहीं है। बाकी हर जगह पाप बुध के दायरे में होगा।
 
सातवे घर में परस होता, ग्रह साथी को तारता हो।
९-1२ - ८ तीसरे ११ , थूके* कोढ़ी बुध होता हो।
*जहर से भरा बुध
घर पहले १०  घूमता राजा, परिवार धन ५ देता हो।

खाना नं ३: कबीले खानदान पर भारी, मंदा।
खाना नं ८: जानदार चीजो और जानो पर मंदा।
खाना नं ९: टेवे वाले की अपनी खुद की हर हालत धन, दौलत, मालोजान पर मन्दा।
खाना नं ११  : अपनी खुद की आमदन की नाली में रोडा ३४ वर्ष तक।
खाना नं १ २: अपने कारोबार और रात की नींद बर्बाद।

जहर से भरा बुध स्वयं मारा जाए तो बेशक मगर १ से ४ (सिवाय खाना नं ३ जहाँ दुसरो के लिए थूकने वाला कोढ़ी) पर मंदा न होगा।

५ - १ ० में डर तो जरूर देगा।

११  -१ २ में हडकाए कुत्ते की तरह जिसे काटे वह आगे हड्काकर भागे।

बुध अमूमन १-२ और ९-१ २ में शनि के साथ मिलकर मंदी हरकत करता है, शनि की सहायता करता करता है। विषैला लोहा, मार देने वाली विष, निर्धन करने वाला होगा।

३ - ८ तक सूर्य की सहायता करता है। धन के लिए उत्तम चाहे हजारों दुःख खडे करे।

बुध का राहु से सम्बन्ध

जब बुध और राहु दोनों इकट्ठे हो, या दोनों में से हर कोई जुदा जुदा मंदे घरो में (बुध अमूमन ३,८,९,१२), राहु अमूमन १,५, ७, ८,१ १) तो अगर जेलखाना नहीं तो अस्पताल या पागल खाना या कब्रिस्तान या वीराना तो अवश्य मिलेगा। कसूर या बिमारी चाहे हो चाहे न हो। फजूल दुःख, मंदे खर्च आम होगे। फौलाद का बेजोड़ छल्ला जिस्म पर सहायक होगा।  और दोनों ग्रहो की चीजे या काम करने से बुध राहु इक्कठे ही गिने जायगे।

बुध का अर्थ: बहन, बुआ, फूफी, मासी, साली, व्यापार तथा दुसरे बुध के काम होगा।
राहु: ससुराल, नाना, नानी, बिजली, जेलखाना आदि राहु के काम है।

बुध का केतु से सम्बन्ध:

जब दोनों दृष्टि से बाहम मिल रहे हो तो बुध का आम साधारण जैसा की टेवे में बैठा होने के हिसाब से पर केतु का फल नीच या मंदा ही होगा। बुध के बिना सब ग्रहो में झुकने झुकाने की शक्ति कायम ना होगी।

बुध के काम जैसे बुद्धि के काम, हुनरमंदी, दस्तकारी, दिमागी बुद्धिमता से धन कमाने का ३ साल आयु का समय। बुध की हुकूमत होना, किसी भी चीज के न होने की हालत, बुध (का होना या) की (उसकी) हस्ती कहलाती है।

जहर से भरा बुध खाना नं १ से ४ में (सिवाय ३) साथ बैठे ग्रह पर कभी मंदा असर न देगा। स्वयं चाहे अपना बुरे असर देवे मगर कोई मंदी घटना न करेगा। १ १  से १ २ को जिस ग्रह को काटे वो हड़काय कुत्ते की तरह दुसरो को भी आगे हडकाता चला जाए।       

चन्द्र राहु के झगडे में बुध बर्बाद होगा।

बुरे ग्रह के साथ बैठा उस ग्रह का प्रभाव और भी मंदा कर देगा और भले ग्रह के साथ बैठने से न सिर्फ उस भले ग्रह का भी और भला कर देगा बल्कि स्वयं भी भला हो जायगा यानी जिससे मिलेगा उसकी ही शक्ति का प्रभाव देगा। यह ग्रह वृक्ष पर उल्टे लटके चम्कादड की तरह अंधेरे में छूपी हुई शरारत करता होगा। मकान में मंदे बुध की पहली निशानी होगी की नये बनाए मकान में किसी न किसी कारण से सिर्फ सीढियाँ गिराकर दोबारा बनने का बहाना होगा. चार दिवारी और छत नहीं बदली जायगी।

मन्दे बुध वाले को नाक छेदन, फिटकरी से दांत साफ़ करना, लडकियो की पूजा करना सहायक होगा। अगर घर के बहुत से सदस्यों का बुध खराब हो या स्वयं अपना बुध टेवे में मंदे घरो में आता रहे तो बकरी की सेवा या बकरी दान करना उत्तम फल देगा। अगर जुबान में थथलापन हो तो वह थथलापन के अलावा और कोई मंदा फल न देगा। चाहे टेवे में मंदा होवे। घर में एक के बाद एक बीमार पड जाने की लानत खड़ी हो जाने के समय बुध से बचाव के लिय कद्दू (हलवे वाला जो पक्का रंग पीला और अन्दर से खोखला हो चुका हो, सब्जी वाला हरा कद्दू नहीं) सालम का सालम (पूरा साबुत) धर्म स्थान में देना सहायक होगा।   
       
शुक्र मंदा हो तो बुध मदद करता है पर मगर पाप मंदे के समय बुध भी मंदा होता है और मौत गूंजती होगी।  और उस समय अगर शुक्र ऐसे घरो में हो जहाँ बुध मंदा होता है तो शुक्र भी बर्बाद करेगा।

अकेला बैठा हुआ बुध निकम्मा तथा बिना शक्ति का होगा और उसका फल देगा जिसका की वो पक्का घर है। (न की घर के मालिक की तरह)  मसलन बुध खाना नं १ और सूरज खाना नं १२ तो बुध वो ही फल देगा जो सूरज का खाना नं १२ में लिखा है।

ऊपर ही की तरह अगर बुध बैठा हो तो बुध का अगर कोई मंदा असर होगा तो वो मालिक याने मंगल पर होगा और खाना नं १ का मालिक याने मंगल खाना नं ९ में बैठ जाए तो मंगल बेबुनियाद और मंदा होगा। इसी तरह बुध जहाँ भी हो और उस घर का मालिक खाना नं ९ में बैठे तो मंदा और बेबुनियाद होगा।
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