शनि उच्च का बारह भावो का शुभ और अशुभ फल Part 2 ,hindi astrology, Jyotish...

ज्योतिष में भावानुसार उच्च शनि का फलादेश

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वैदिक ज्योतिष के
अनुसार तुला राशि में स्थित होने पर शनि को उच्च का शनि कहा जाता है जिसका साधारण
शब्दों म
ें अर्थ यह होता है कि तुला राशि में स्थित होने पर शनि अन्य सभी
राशियों की तुलना में सबसे बलवान हो जाते हैं। कुछ वैदिक ज्योतिषी यह मानते हैं कि
कुंडली में उच्च का शनि सदा शुभ फलदायी होता है जो सत्य नहीं है क्योंकि कुंडली
में शनि का उच्च होना केवल उसके बल को दर्शाता है तथा उसके शुभ या अशुभ स्वभाव को
नहीं जिसके चलते किसी कुंडली में उच्च का शनि शुभ अथवा अशुभ दोनों प्रकार के फल ही
प्रदान कर सकता है जिसका निर्णय उस कुंडली में शनि के शुभ अशुभ स्वभाव को देखकर ही
लिया जा सकता है। आज के इस लेख में हम कुंडली के विभिन्न
12 घरों में स्थित होने पर उच्च के शनि
द्वारा प्रदान किये जाने वाले कुछ संभावित शुभ तथा अशुभ फलों के बारे में विचार
करेंगे।
कल का शेष फलादेश

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कुंडली के सातवें घर में
उच्च का शनि
Description: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के सातवें घर में स्थित
उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक व्यवसायिक सफलता तथा व्यवसाय के माध्यम
से धन प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले जातक
विभिन्न प्रकार के व्यवसायों के माध्यम से सफलता तथा धन अर्जित कर सकते हैं। इस
प्रकार के शुभ उच्च शनि का प्रभाव जातक का संबंध विदेशों के साथ भी स्थापित कर
सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक व्यवसाय के आधार पर विदेशों में जाकर ही
स्थापित हो जाते हैं जबकि इस प्रकार के कुछ जातक ऐसे व्यवसायिक क्षेत्रों में
कार्यरत हो सकतें हैं जिन व्यवसायों का लाभ विदेशों के माध्यम से आता हो। वहीं
दूसरी ओर
, कुंडली
के सातवें घर में स्थित उच्च के शनि के अशुभ होने की स्थिति में जातक के विवाह तथा
वैवाहिक जीवन पर दुष्प्रभाव डाल सकता है जिसके कारण इस प्रकार के कुछ जातकों का
विवाह देर से अथवा बहुत देर से हो सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों का
एक विवाह तो बहुत मुसीबतों और कष्टों को सहने के पश्चात टूट ही जाता है तथा इस अशुभ
प्रभाव के कुंडली में बहुत प्रबल होने की स्थिति में ऐसे जातकों के
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या दो से भी अधिक विवाह टूट
सकते हैं। कुंडली के सातवें घर में स्थित अशुभ उच्च शनि के प्रभाव में आने वाले
कुछ जातक स्वभाव से उग्र
, आक्रामक, अहंकारी तथा हठी हो सकते हैं जिसके कारण इन जातकों का
वैवाहिक जीवन भली प्रकार से नहीं चल पाता तथा इन जातकों के जीवन के क्षेत्रों में
भी इनके स्वभाव के चलते समस्याएं पैदा हो सकतीं हैं।
आठवें घर में उच्च का शनिDescription: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के आठवें घर में स्थित
उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक को धन लाभ प्रदान कर सकता है जिसके चलते
इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने जीवन में समय समय पर
आकस्मिक तथा अप्रत्याशित रूप से धन की प्राप्ति होती रहती है। इस प्रकार का शुभ
प्रभाव जातक को आध्यात्म तथा परा विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में विकास भी प्रदान
कर सकता है तथा कुंडली के आठवें घर में उच्च शनि के ऐसे शुभ प्रभाव में आने वाले
कुछ जातक आध्यात्म अथवा परा विज्ञान से संबंधिक किसी क्षेत्र को अपना व्यवसाय भी
बना सकते हैं और ऐसे जातक इन क्षेत्रों से बहुत धन के साथ बहुत प्रतिष्ठा तथा यश
भी कमा सकते हैं। कुंडली के आठवें घर में स्थित शुभ उच्च का शनि जातक को
उत्तराधिकार अथवा किसी की मृत्यु के कारण धन अथवा संपत्ति भी प्रदान कर सकता है।
वहीं दूसरी ओर
, कुंडली
के आठवें घर में स्थित उच्च के शनि के अशुभ होने की स्थिति में जातक की आयु पर
विपरीत प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ
जातक कम अथवा बहुत कम आयु में ही आकस्मिक मृत्यु को प्राप्त हो सकते हैं। कुंडली
में इस प्रकार का अशुभ प्रभाव जातक को किसी गंभीर शारीरिक रोग से पीड़ित भी कर
सकता है तथा ऐसा रोग सामान्यतया जातक को बहुत लंबे समय तक कष्ट देता रहता है और
जातक के प्राण भी हर सकता है। कुंडली के आठवें घर में स्थित अशुभ उच्च के शनि के
प्रभाव के कारण जातक के वैवाहिक जीवन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है जिसके चलते
इस प्रकार के कुछ जातकों के एक अथवा एक से अधिक विवाह बहुत बुरी परिस्थितियों में
टूट सकते हैं जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों की पत्नियां गंभीर रोगों के कारण
मर सकतीं हैं।
नौवें घर में उच्च का शनिDescription: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के नौवें घर में स्थित
उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक को धन
, संपत्ति,
आर्थिक समृद्धि,
यश तथा प्रसिद्धि प्रदान कर
सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का जन्म धनी तथा
समृद्ध परिवारों में ही होता है जिसके चलते ऐसे जातक बाल्यकाल से ही अनेक प्रकार
की सुविधाओं का भोग करते हैं। कुंडली के नौवें घर में स्थित शुभ उच्च के शनि का
प्रभाव जातक को व्यवसायिक सफलता प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातक किसी
सरकारी अथवा निजि संस्था में प्रतिष्ठा और प्रभुत्व वाले किसी पद की प्राप्ति भी
कर सकते हैं। इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने पिता द्वारा उत्तराधिकार में भी
किसी प्रकार के प्रभुत्व वाले पद की प्राप्ति हो सकती है अथवा इन जातकों के पिता
ऐसा पद प्राप्त करने में इनकी बहुत सहायता कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर
,
कुंडली के नौवें घर में
स्थित उच्च का शनि अशुभ होने की स्थिति में जातक के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर
सकता है तथा ये समस्याएं उस स्थिति में और भी गंभीर बन सकतीं हैं जब इस प्रकार का
अशुभ उच्च का शनि कुंडली के नौवें घर में पित्र दोष का निर्माण कर दे। इस प्रकार
के पितृ दोष के प्रभाव में आने वाले जातक का वैवाहिक जीवन बहुत कष्टप्रद सिद्ध हो
सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों का विवाह अनेक प्रकार की मुसीबतों में फंसने के
कारण टूट भी सकता है। कुंडली के नौवें घर में स्थित अशुभ उच्च के शनि का प्रभाव
जातक के व्यवसायिक क्षेत्र में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है जिसके चलते इस
प्रकार के कुछ जातकों को अपने व्यवसाय में अनेक बार असफलता का सामना करना पड़ सकता
है तथा इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को व्यापार के माध्यम से धन की हानि तथा अपयश
का सामना भी करना पड़ सकता है।
दसवें घर में उच्च का शनिDescription: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के दसवें घर में स्थित
उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता तथा व्यवसाय के
माध्यम से बहुत धन प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने
वाले जातक विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं। इस प्रकार
के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक अपने व्यवसाय के माध्यम से धन के अतिरिक्त यश
,
प्रतिष्ठा,
प्रसिद्धि तथा प्रभुत्व की
प्राप्ति भी कर सकते हैं। कुंडली के दसवें घर में स्थित शुभ उच्च का शनि जातक के
वैवाहिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते ऐसे जातकों का
वैवाहिक जीवन सामान्यतया सुखी रहता है तथा ऐसे कुछ जातकों को धार्मिक विचारों वाली
,
सेवा भाव रखने वाली और
सहयोग करने वाली पत्नियों की प्राप्ति हो सकती है। वहीं दूसरी ओर
,
कुंडली के दसवें घर में
स्थित उच्च के शनि के अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र को
विपरीत रूप से प्रभावित कर सकता है जिसके कारण इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने
वाले कुछ जातकों को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का
सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को व्यवसाय के साथ जुड़े किसी
प्रकरण के कारण कोर्ट केस तथा बदनामी का सामना भी करना पड़ सकता है। कुंडली के
दसवें घर में स्थित अशुभ उच्च का शनि जातक के वैवाहिक जीवन पर भी अशुभ प्रभाव डाल
सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को विभिन्न प्रकार
के रोग भी लग सकते हैं।
ग्यारहवें घर में उच्च का शनिDescription: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के ग्यारहवें घर में
स्थित उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक को बहुत धन प्रदान कर सकता है विशेषतया
तब जब इस प्रकार का शुभ उच्च शनि कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित होकर धन योग का
निर्माण कर रहा हो। इस प्रकार के शुभ प्रभाव के कुंडली में प्रबल होने पर जातक
अपने व्यवसाय के माध्यम से बहुत धन कमाता है तथा ऐसे जातकों के एक से अधिक व्यवसाय
अथवा आय के एक से अधिक स्तोत्र हो सकते हैं। कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित शुभ
उच्च के शनि के प्रभाव के कारण जातक को अपने भाई बहनों तथा मित्रों से भी सहयोग
प्राप्त होता है जिसके चलते ऐसा जातक इन सबके सहयोग से व्यापार में सफलता प्राप्त
कर सकता है तथा इस प्रकार के कुछ जातक बड़े अथवा बहुत बड़े व्यापारिक साम्राज्य की
स्थापना भी कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च के
शनि के अशुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र में बहुत सी समस्याएं
पैदा हो सकतीं हैं तथा इस प्रकार के कुछ जातकों को अपने व्यवसाय में सफलता प्राप्त
करने के लिए बहुत सी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य
जातकों को व्यापार के माध्यम से धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के
ग्यारहवें घर में स्थित अशुभ उच्च का शनि जातक के वैवाहिक जीवन पर भी दुष्प्रभाव
डाल सकता है जिसके कारण इस प्रकार के कुछ जातकों का वैवाहिक जीवन दुखमय हो सकता है
तथा इनमें से कुछ जातकों का स्वभाव आक्रामक तथा उग्र होने के कारण इन जातकों की
पत्नियों को इनके साथ निर्वाह करने में बहुत कठिनाई हो सकती है और कुछ स्थितियों
में ऐसे जातक का विवाह टूट भी सकता है।
बारहवें घर में उच्च का शनिDescription: https://www.facebook.com/images/emoji.php/v8/f51/1/16/1f449.png👉 किसी कुंडली के बारहवें घर में
स्थित उच्च का शनि शुभ होने की स्थिति में जातक को आर्थिक समृद्धि तथा
सुविधापूर्वक जीवन प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के जातक सामान्यतया
साधन संपन्न होते हैं तथा इन्हें अपने जीवन में अनेक प्रकार की सुविधाएं प्राप्त
होतीं हैं। कुंडली के बारहवें घर में स्थित शुभ उच्च का शनि जातक का संबंध विदेशों
के साथ भी जोड़ सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातक विदेशों में स्थायी रूप
से बस जाते हैं जबकि इस प्रकार के कुछ अन्य जातक विदेशों में स्थायी रूप से बसते
तो नहीं किन्तु व्यवसाय के संबंध में विदेशों में जाते रहते हैं अथवा किसी ऐसे
व्यवसाय को करते हैं जिसका लाभ विदेशों से संबंधित हो। कुंडली के बारहवें घर में
स्थित शुभ उच्च के शनि के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातक विदेशों में स्थापित
होकर वहां पर एक अथवा एक से अधिक घर भी बनाते हैं। वहीं दूसरी ओर
,
कुंडली के बारहवें घर में
स्थित उच्च के शनि के अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक
प्रकार की समस्याएं तथा चिंताएं पैदा हो सकतीं हैं जिसके चलते इस प्रकार के कुछ
जातकों के अपनी पत्नियों के साथ गंभीर वैचारिक मतभेद रहते हैं जबकि इस प्रकार के
कुछ अन्य जातकों की पत्नियों को किसी प्रकार का रोग लग सकता है जिसके कारण ये जातक
अपने वैवाहिक जीवन का सुख अच्छी प्रकार से नहीं भोग पाते। कुंडली के बारहवें घर
में स्थित अशुभ उच्च के शनि का प्रभाव जातक को किसी प्रकार का गंभीर रोग भी लगा
सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले बहुत से जातक लंबे समय तक चलने
वाले कम से कम एक रोग से अवश्य पीड़ित रहते हैं। कुंडली में इस प्रकार के अशुभ
उच्च शनि का प्रभाव जातक की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है तथा इस
प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों की संपत्ति आदि भी किसी प्रकार के
विवाद अथवा कोर्ट केस आदि में फंस सकती है।




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