केतु सप्तम भाव में शुभ केतु मिथुन कन्या तुला एवं लग्न के जातक जातिका को सप्तम भाव में केतु के अशुभ या मिश्रित फल करता है शुभ होने की स्थिति में जातक बुद्धिमान स्वतंत्र विचारों वाला कुछ भी प्रकृति परिश्रमी शास्त्री गुप्त युक्तियों से धनार्जन करने वाला धर्म ज्योतिषी योग मंत्र यंत्र आदि विद्याओं में रुचि विदेश में भाग्य उदय होने के योग हैं किंतु यदि अशुभ ग्रह द्वारा दृष्ट हो तो साझेदारी के कार्यों में पानी स्त्री जहां पति के संबंध में असंतोष रहता है सप्तम में वृद्धि के लिए आने वाले समय में हम आपके लिए नए-नए वीडियो अपलोड करेंगे
अशुभ केतु
मेष वृष कर्क सिंह वृश्चिक धनु कुंभ एवं मीन लग्न के जातक जातिका को सप्तम भाव में केतु प्राय अशुभ फल करता है शुभ होने की स्थिति में जातक के स्वास्थ्य एवं शारीरिक सौंदर्य में कमी चिड़चिड़ापन स्वभाव अशांत मन कामुक एवं विलास प्रिय दांपत्य सुख में कमी अथवा विवाह सुख में विघ्न और विलंब होते हैं व्यवसाय के क्षेत्र में अत्यंत संघर्ष एवं कठिनाइयों का सामना रहता है सूर्य मंगल गुरु ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो अथवा पत्नी रोगी रहती है नजर एवं चमड़ी के रोग अथवा पिता को कष्ट तथा जातक को चोट आदि का भय रहता है
अशुभ केतु
मेष वृष कर्क सिंह वृश्चिक धनु कुंभ एवं मीन लग्न के जातक जातिका को सप्तम भाव में केतु प्राय अशुभ फल करता है शुभ होने की स्थिति में जातक के स्वास्थ्य एवं शारीरिक सौंदर्य में कमी चिड़चिड़ापन स्वभाव अशांत मन कामुक एवं विलास प्रिय दांपत्य सुख में कमी अथवा विवाह सुख में विघ्न और विलंब होते हैं व्यवसाय के क्षेत्र में अत्यंत संघर्ष एवं कठिनाइयों का सामना रहता है सूर्य मंगल गुरु ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो अथवा पत्नी रोगी रहती है नजर एवं चमड़ी के रोग अथवा पिता को कष्ट तथा जातक को चोट आदि का भय रहता है
सप्तम भाव का केतु आपके लिए अच्छा है या बुरा, Hindi astrology, jyotish kirpa
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