कुंडली का तीसरा भाव SE DEKHNE WALE PARINAM


कुंडली का तीसरा भाव 

तीसरे भाव के बारे में बात करते है तीसरा भाव तो तीसरा भाव का करक  मंगल  है तक़रीबन बहुत से ज्योतिशो का मत है के मंगल ही तीसरे भाव का कारक है , कालपुरष कुंडली के मुताबिक यह पड़ने वाली राशि का मालिक बुध है।  इस भाव में मंगल का प्रभाव जयदा है। तो इसी वजह से बुध यहाँ पर अच्छे का नहीं मन जाता , शायद इसलिए के मंगल बुध के फल को कमजोर कर देता है।

तीसरे भाव से हमें यह जानकारी मिल सकती है के वयक्ति कितना जिम्मेदार है वह अपने फ़र्ज़ को कितनी अच्छे से निभाता है। वह कितना बहादुर है, कितना निडर है इस बात को यही भाव दर्शाता है। ध्यान देने वाली बात यह है के वह व्यक्ति बहादुरी से अर्थ है के वह  जरूरत पड़ने पर दुसरो की कितनी और कहा तक हेल्प कर सकता है। और वह दुसरो के साथ वाह्वयर कहा तक निभा सकता है।

तीसरे भाव का सबंध हमरे घर में पड़े हुए समान से भी सबंध है . अगर इस  भाव में शुभ ग्रह है तो वयक्ति के घर में बहुत सारी सहूलते होती है। इस भाव में अशुभ ग्रह होंगे तो वयक्ति के घर में आराम के समान की कमी होगी यह भाव हमारे शरीरक शक्ति के प्रभाव को भी दिखता है , हमारे अंदर किसी काम को करने के लिए कितना उत्साह है।  इस बात को भी हम तिरसरे भाव से देखते है। यह भाव हमारी आँखों की नजर से भी सबंध है। इसका अर्थ है के वयक्ति के देखने का प्रभाव दूसरे वयक्ति पर कैसा पड़ता है।  यही भाव घर में चोरी जा बीमारी का स्थान भी है। कुछ हद तक दुसरो से दुश्मनी से भी सबंध रखता है।

तीसरा भाव हमारी किस्मत के उतर चढ़ाव को भी दिखता है इसका मतलब है के हम किस्मत के शेयर कितनी उचाई तक जा फिर निचे गिर सकते है जा फिर वही का वही रहते है। इस भाव से हम दक्षिण दिशा को देखते है। क्योकि सी भाव का करक ग्रह मंगल यहाँ पर बहुत ताकतवर है वही पर वह दक्षिण दिशा का करक भी है। इसी लिए मेष ,वृश्चिक जा मकर राशि में बैठा मंगल बहुत ही शुभ होता है। अगर वयक्ति के मकान का मुख्य दरवाजा दक्षिण की तरफ हो तो भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता

तीसरे भाव का सबंध हमारे घर में पड़े हुए हथियार जैसे के तलवार पिस्तौल अदि के साथ भी है। अगर इस भाव में अशुभ ग्रह होंगे तो घर में पड़े हुए बेकार हथियार वयकित को नुक्सान देते है। कुंडली का तीसरा भाव यह भी दर्शाता है के वयक्ति के रिश्तेदार या उसके मित्र कितने धन दौलत के मालिक होते है जैसे के मंगल यहाँ पर अच्छी हालत में होगा तो वयक्ति के भाई की माली हालत बहुत अच्छी होगी

तीसरा भाव वयक्ति के पैसो का बहार जाने का रास्ता है। यह बात ठीक है के बारहवा भाव हमरे खर्च का घर है परन्तु तीसरा भाव भी अशुभ होने की हालत में पैसो के नुक्सान से सबंध रखता है। इसीलिए इसे चोरी का घर भी कहा गया है। तीसरे भाव से हम अपने बहिन भाई की हालत के बारे में जान सकते है। इसके इलावा यह भाव साले और जिजे के बारे में जानने में हेल्प करता है उद्धरण के तोर पर राहु साले का कारक है।  अगर तीसरे भाव में राहु होगा तो वयक्ति का साला उसका बहुत साथ देगा, वह उस वयक्ति को किसी भी रूप में फ़ायदा करा सकता है।

तीसरे भाव को लड़ाई का स्थान और लैन दैन  भी कहा गया है। इसका यह मतलब है के हमारे जीवन कितना लड़ाई जागड़ा है। ऐसी स्थिति में हमारी कैसी हालत होगी इस बात का मालूम होता है। इसी प्रकार से पैसे के लैन दैन के बारे मैं भी पता चलता है के दुसरो के साथ कैसा होगा , के हमे फाइदा होगा जा फिर नुक्सान होगा। इसके शुभ और अशुभ असर को भी तीसरे भाव से देखा जाता है।
हमरे शरीर के हिसे में से हमारी दोनों बाजो का कारक है। बाजू ही हमारी शक्ति जा दुसरो से लड़ाई झगडे के समय काम आती है। इसके इलावा हमारी पलके ,जिगर,शरीर में खून की मात्रा और खून की बिमारिओ का भी हमें तीसरे भाव से पता चलता है। हमारी उम्र के हिसाब से हमरी जवानी की उम्र से भी है। अगर हमारे तीसरे भाव में शुभ ग्रह होंगे तो हम अपनी जवानी में बहुत जायदा तरकी पा सकते है, परन्तु अशुभ ग्रह होंगे तो हम जवानी में अपनी मेहनत का पूरा फल नहीं प्राप्त कर पाते है। हम अपने भाईओ से दोस्तों से रिश्तेदारों से जो कुछ भी प्राप्त करते है वह तीसरे भाव से ही सबंध रखता है।


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