दोस्तों कल रात के एक घटना आपसे शेयर कर रहा हूँ ज़रूर पढ़िए।👏
कल शाम क़रीब 7 बजे मेरे पास ग़ाज़ियाबाद के लाजपत नगर से एक पत्रकार का फ़ोन आया, जिसने मुझे बताया की उसके घर के पास एक फ़ीमेल डॉग 3,4 दिन से तड़प रही है, उसने हर जगह कोशिश की पर किसी संस्था से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला 😌तब उसे किसी साथी पत्रकार से मेरा नम्बर मिला।
मैंने अपने एक volunteer को डॉग को देखने भेजा तो पता चला कि वो pregnent है और शायद उसके बच्चे पेट में मर गए हैं जिसकी वजह से पूरी बॉडी में ज़हर फैल चुका है और बहुत समय से ऐसा होने की वजह से बस उसकी आख़िरी स्टेज थी😔, तुरंत सर्जरी हो तो शायद उसकी जान बच सके!!!! मैंने बहुत जगह पता किया पर शाम को किसी भी हॉस्पिटल में सर्जरी की व्यवस्था नहीं थी, यहाँ तक की हमारे अपने संजय गांधी हॉस्पिटल में भी सर्जन छुट्टी पर था, जब कहीं कोई व्यवस्था नहीं हो पायी तो मुझे डॉक्टर Sanmat Jain का याद आया मैंने तुरंत उन्हें फ़ोन किया हारे-थके डॉक्टर की आवाज़ सुन कर मैं समझ गया था की वो बहुत थके हुए हैं, फिर भी जब मैंने उन्हें बताया तो वो सर्जरी करने को तेयार हो गए, मैंने तुरंत अपनी गाड़ी में वो डॉग रखी और डॉक्टर के क्लीनिक पर पहुँचायी, जब उन्होंने उसकी हालत देखी तो वो दंग रह गए, क्यूँकि उसके बच्चे पेट में मर कर सूज गए थे, वो दंग थे की वो डॉग अभी तक ज़िंदा कैसे थी, क्यूँकि वो साँस तक नहीं ले पा रही थी, उन्होंने तुरंत उसे ऑक्सिजन सिलेंडर लगाया और तुरंत अपना सारा स्टाफ़ रोक कर उसकी सर्जरी की, ये एक मेजर ऑपरेशन था क्यूँकि वो डॉग दर्द और ज़हर फैलने की वजह से दर्द से तड़प-तड़प कर बेहोश हो चुकी थी, उसके बचने के चान्स बिलकुल ना के बराबर थे, पर डॉक्टर ने हिम्मत नहीं हारी, और क़रीब '2' घंटे की मेजर सर्जरी के बाद छोटे- छोटे बच्चों की किलकारी आने लगी😭, ये सच में एक अद्भुत लम्हा था, उम्मीद से बिलकुल उलटा, यक़ीन ही नहीं हो रहा था की उस डॉग के 7 में से 3 बच्चे ज़िंदा बचा लिए गए बाक़ी 4 बच्चे मरे हुए निकले, पर अभी भी उस माँ का नहीं पता था की वो बच पाएगी या नहीं, पर डॉक्टर की मेहनत रंग लायी और क़रीब 1 घंटे बाद उस माँ को होश आ गया🤗, जी हाँ दोस्तों वो माँ ज़िंदा बच गयी थी, जिसका मुझे बिलकुल यक़ीन नहि था।
बचपन से एक कहावत सुनता आ रहा हूँ की डॉक्टर भगवान का रूप होता है सच में कल साक्षात इस बात को अनुभव किया, जिस तरह अपनी थकान की परवाह किए बिना Doctor Sanmat jain ने उस माँ को नयी ज़िंदगी दी वो सच में एक भगवान ही दे सकता है, उनका पूरा क्लीनिक बुरी तरह ख़ून में गंदा हो चुका था, पर उस देवता समान Dr. ने बिलकुल किसी चीज़ की परवाह नहीं की , उन्हें ना पैसे का लालच था ना कोई स्वार्थ!!! फिर भी उन्होंने जी जान लगा दी, उनके द्वारा किया गया इलाज और मेहनत सबकुछ पूरी तरह निसवार्थ था शायद तभी हम उसकी जान बचाने में कामयाब हो पाए, दोस्तों ऐसे इंसान को दिल से सैल्यूट करता हूँ, आप सब से भी यही आशा करता हूँ की इस पोस्ट को ज़रूर पढ़िएगा, और हो सके तो शेयर ज़रूर करना, और ये मिसाल है उन लोगों के लिए जो स्वार्थ में अंधे हो चुके हैं।
दोस्तों माँ तो माँ ही होती है चाहे इंसान हो या जानवर!! यक़ीन मानिए दर्द सबको बराबर ही होता है.
दोस्तों कृपया अपनी राय ज़रूर कॉमेंट बॉक्स में लिखें, और डॉक्टर जैन को को धन्यवाद दें.
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एक सराहनीये कार्य Doctor Sanmat jain must like share
Reviewed by Jyotish kirpa
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07:44
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