आज हम चन्द्रमा के बारे में बात करेंगे पुराने ज्योतिष शास्त्रों में चौथे भाव विद्या यानि के पढ़ाई से सबंध है और लाल किताब के अनुसार चौथे घर का मालिक चन्द्रमा है और कालपुरष कुंडली के अनुसार भी कर्क राशि पड़ती है जिसे मालिक चंद्र देव है। इसी वजह से चन्द्रमा और वयकित की पढ़ाई उसके सबंध से काफी जोर दिया है तालीम का क्या फ़ायदा होगा अगर हमारी पढ़ई वयक्ति के इनकम की रास्ते पर आसार होगा,इस को समझने के लिए चंद्र का बारह भावो के फल को समझना पड़ेगा , अब बात करते है चंद्र का बारह भावो के बारे में।
पहले भाव में चन्द्रमा ,घर में पड़े हुए बर्तन में पड़े हुए साफ पानी की तरह होगा,मतलब के पढ़ाई पर खर्च किया हुआ पैसा व्यर्थ नहीं जायगा ,वयकित की पढ़ाई का उसके जीवन में पूरा योगदान होगा,जिस से उस वयक्ति को अपनी नौकरी जा सरकारी नौकरी में बहुत लाभ मिलेगा,
दूसरे भाव के चंद्र को पहाड़ो से निकलते हुए शीतल और स्वच्छ जल होता है ,दूसरे भाव में चंद्रमा पढ़ाई ,माता, जदी जायदाद जा फिर पैसे में से एक का ही शुभ असर होगा, पढ़ई के लिए शुभ होगा तो बाकि सब चीज़ो के लिए अशुभ ही होगा यहाँ चन्द्रमा सभी चीज़ो के लिए अच्छा नहीं होगा,वयक्ति के माता के जीवत रहने तक पढ़ाई बहुत अच्छी चलेगी लकिन माता के सुख की शरत नहीं होगी, ऐसे वयक्ति के पिता को उसकी तालीम का सुख मिल भी सकता है और नहीं भी ऐसा शक बना रहता है ,परन्तु जातक के लिए उसकी पढ़ाई दुनिया के ज्ञान जा समझ में पूरा योगदान देगी,परन्तु चन्द्रमा की दूसरी चीज़े किस्मत में बहुत योगदान देगी ,जैसे घोड़ो का व्यपार, चंडी का व्यपार ,चावल जा दूध के साथ जुड़ा हुआ काम के साथ सबंधित शुभ ही रहेगा ,
अगर चन्द्रमा तीसरे भाव में होगा ,तो इसको रेगिस्तान का पानी कहा गया है ,जिस तरह वयक्ति की पढ़ाई बढ़ती चली जायगी,उसके पिता की माली हालत खराब होती चली जायगी,परन्तु उसकी पढ़ाई कदे रुकेगी नहीं ,पढ़ई अपनी कीमत देवेगी,परन्तु यहाँ यह शर्त जरूर है की जैसे जैसी वयक्ति की उम्र बढ़ती चली जायगी उसकी पढ़ई की कीमत काम होती जायगी जा फिर वह विद्या के महकमे में होते हुए भी बहुत जयदा तरकी नहीं कर पाएगा पढ़ाई दे साधना तो कमया हुआ धन परिवार में ज्यादा तरकी नहीं दिला सकता ,
चौथे भाव के चन्द्रमा को चश्मे का पानी कहा गया है अर्थात मीठा पानी कहा गया है ,ऐसे वयक्ति की पढ़ाई उसके लिए बहुत जयदा शुभ होगी,पढ़ाई करने के बिच में ही उसे हर प्रकार की मदद मिलती रहेगी ,यानि के भगवन की तरफ से उसे किसी न किसी प्रकार सहयता मिलती रहगी,वह किसी प्रकार की तालीम हासिल करेगा उसके लिए शुभ फल ही देगी।
पांचवे घर के चन्द्रमा,दुनिया को आबाद करने वाला पानी कहा गया है ,मतलब के पढ़ाई ते खर्चा पैसा पढ़ाई की पूरी कीमत नहीं देगा,पंरतु ऐसा वयक्ति अपने बचो की पढ़ाई के लिए पूरा ध्यान देगा,उसके बच्चे ऊँची तालीम हासिल करेंगे,ऐसा वयक्ति अगर आम जनता दी मदद करेगा तो दूसरे वयक्ति उसकी कोई मदद नहीं करेगा,उसकी अपनी पढ़ाई व्यर्थ ही रह ज्यागी,पढ़ई पर किये ख़र्च का कोई बड़ा फाइदा उसे नहीं मिल पायेगा,
सिक्स भाव के चन्द्रमा को पताल का पानी यानि के खू का पानी जा हैण्डपम्म कहा गया है,मतलब के वयक्ति की पढ़ाई उसको बहुत शुभ फल देगी परन्तु पढ़ई पूरी करने के लिए बहुत सी अड़चने अयंगी
चन्द्रमा सातवे भाव में होगा तो खेत को पानी देने वाली नहर कहा गया है ,वयक्ति की शादी से पहले पहले उसकी तालीम पूरी हो जायगी, अगर तालीम चलती रहगी तब तक शादी रुकी रहेगी,उसकी पढ़ाई चाहे काम होगी ,परन्तु उसके काम जरूर आएगी
चन्द्रमा आठवे भाव में अमृत जैसे होगा, जा फिर जहर जैसे होगा,मतलब के जैसे जैसे पढ़ई बढ़ती रहेगी वह अपनी माता के लिए तरसता रहेगा,परन्तु इसका मतलब यह नहीं के माता की मृत्यु हो जायगी,अगर माँ साथ रेहगी वह वयक्ति पढ़ई से भागता रहेगा,उसकी पढ़ाई दूध के पाउडर जैसी होगी जिस में दूध के सभी गुण तो होंगे लकिन परन्तु पानी नहीं होगा,ऐसी वयक्ति पढ़ई करेंगे तो पूरी पढ़ाई करेंगे नहीं तो अपने बच्चो को भी पढ़ाई से रोकते रहेंगे ,
नोवे भाव चंद्र को समुन्दर जैसे कहा गया है ,मतलब वयक्ति को उसकी पढ़ाई का पूरा फ़ायदा होगा, उसकी पढ़ाई से सब को फायदा होगा,चाहे वह काम पड़ा होगा,यह जरुरी नहीं के वह अनपढ़ होगा,वह राजा इन्दर जैसे सुखो का दाता होगा,
दसवे भाव का चन्द्रमा पहाड़ से रुका हुआ पानी केह्ते है,मतलब के दुसरो को तो पढ़ाई क्या करना वह अपनी पढ़ई से भी बेफिक्र होता है,उसकी पढ़ाई में रूकावट के पत्थर पड़ते ही रहेंगे ,और उसको अपनी पढ़ई का पूरा फायदा नहीं होगा,परन्तु ऐसा वयक्ति खुश्क दवाई का काम करे वह उसके लिए जरूर शुभ होगा,
गहरवे भाव चन्द्रमा को बरसाती नाले जैसा कहा गया है ,मतलब के वयक्ति पड़ेगा तो पूरा पड़ेगा,चाहे वह अनपढ़ रहेगा परन्तु विद्वान होगा,
बाहरवें घर के चन्द्रमा आसमानी पानी जा बर्फ कहा गया है ,अगर कुंडली में पापी ग्रह शनि,राहु, और केतु होंगे तो वयक्ति को उसकी पढ़ाई कबि शुभ फल नहीं देगी ,जैसे जैसे वयक्ति पढ़ाई करता जायगा उसके परिवार पर बुरा असर पड़ता जायगा,उसकी तालीम की कीमत चाहे उसे मिले जा न मिले परन्तु दुकानदारी पुरे दर्जे की तालीम दी कीमत हासिल कर लेगा
पढ़ाई के लिए चन्द्रमा का बारह भावो का फल, Hindi Astrology, Jyotish kirpa
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